Thank you “Poignant Painter”😊

Sometimes, life just bring you lots of chances to showcase your own talent. There was a competiton held by quora blog and I posted my submission I am glad that I was appreciated on quora poetry blog “Poignant painter” for my poem. I won and I was surprised to recieve a medal at home from…

शहीदों को नमन..

भारत को स्वतंत्रता देने के लिए, जान की बाज़ी खेली तुमने हम देखो कैसे आज, भारत के ग़ुलामी नाम कर गए ना ग़ुलाम अंग्रेजों के, ना ही किसी और का साया हम पर हम खुद ही काला-धन और रिश्वतखोरी जैसे काम कर गए | ******* भारत माँ की ममता का क़र्ज़ चुकाना तो कोई तुमसे…

मेरे दिल की तस्वीर..

मेरे दिल की तस्वीर हो तुम , कैसे तुम्हे भूल जाऊं इस ज़िन्दगी की तक़दीर हो तुम कैसे मैं अपनी किस्मत बदल जाऊं तुम आहों के करीब रहते हो कैसे मैं तुम्हे दूर कर जाऊं इन दुनिया वालों की नफरतों में कैसे मैं भी शामिल हो जाऊं शिकायतें सभी को होती हैं क्यों न मैं…

एक सच ब्यान करती हूँ…

सागर  की  गहरायी  सा,  मैं  एक  सच  ब्यान  करती  हूँ  आज  भी  तेरी  झूठी  बातों  से, उस  गहराई  जितना  डरती हूँ | ख़ामोशी  में, हर  बात  के  हर  अल्फ़ाज़  सा, शोर  ब्यान करती हूँ  आज  भी  तेरे  खत  पढ़ कर, तुझे  महसूस  कर आहें  भरती हूँ | इस  दूरी  में  करीब  होने  के  संदेह  सा,…

Kuch to khaas hai..!

This poem took no time, no efforts by me to present it in front of you. I wrote it in few minutes and sharing that instant writing of mine with you all. Don’t expect much from this poem. 😝 Kuch to khaas hai tujhme Yun hi nahin tujhe chahne lagi mein Yun hi nahin ehsaas…

Happy holi..!

Holi ke jhilmil se hazaron rang Khushiyon aur shaitaniyon ke sang Jagah jagah khoob nazare dikhte hain Jab hum, apne apnon se milte hain Sab shikwe shikatien door karke Har dukh har gham ko bhool karke Hum har ek rang mein ghul jate hain Pyar aur sneh ke dhang mein dhal jate hain. होली की…

मिट्टी के बने हम..!

​मिट्टी के बने हम मिट्टी में मिल जाएंगे रिश्तों के एहसास दिल से निभाएंगे ये जो पावन से हवा के झोंके हैं वो मिट्टी को अपने संग उठा ले जाएंगे। हम मिट्टी से बने बर्तन की तरह एहसासों की रिमझिम बहारों की तरह खुद को रिश्तों के सांचे में ढल कर बढ़ते जाएंगे आगे नदिया…

सुलझी सी बातें..

आज रजनी की रचनायें ब्लॉग की लेखक- रजनी मैडम का जन्मदिन है| उन्होंने अपने ब्लॉग पर कुछ यूँ लिखा “दुःख इस बात का है कि इकतालिस साल का अनमोल समय बिना किसी उपलब्धि के गुजार दिया।” पढ़ कर एक धक्का सा लगा, बिकुल मेरी माँ की ही उम्र की होंगी वो| दिल ने सोचा, कुछ…

मुझे मालूम था..

मुझे मालूम था, तुम मुझसे दूर चले जाओगे प्यार और विश्वास की बातें बस लफ़्ज़ों में निभाओगे लेकिन, प्यार जताने की मैंने कोशिश नहीं की यह झूठ मुझसे कह नहीं पाओगे |. मुझे मालूम था, तुम मुझे तन्हा कर जाओगे इन गलियों से गुज़ारना मुश्किल था तुम ये मुश्किल सह नहीं पाओगे लेकिन, साथ निभाने…

काश..!

​काश कुछ ऐसी मेरी ज़िन्दगानी होती दिल की बात मेरे लबों की ज़ुबानी होती कुछ ख़ास ही होती किस्मत मेरी खुशियों का आना-जाना मेरी मनमानी होती ॥ कभी हंसी की फुहार में गुज़रती शाम सुहानी होती कभी आंसू की बहार पलकों से चुरानी होती जब भी कोई मेरी कलम पढ़ता ब्यान मेरी ज़िन्दगी की कहानी…

ज़िन्दगी के रंग..

ग़मों और खुशियों के हसीन मौसम में चलती इस धीमी हवा संग बहती हूँ मैं, पत्ते जैसे पेड़ों से झड़ते हैं पतझड़ में कभी-कभी उनके जैसे ज़मीन पर गिरती हूँ मैं, हैं कई बारिश की बूँदें भी टपकती सावन में कुछ बूँदें इन पलकों के बादल में भरती हूँ मैं, चिड़िया चहके जैसे ऊपर उस…

अल्फ़ाज़ों की कमी…

अल्फ़ाज़ों की कमी आज मेरी कलम से झलकती है कुछ एहसासों की कोयल नीले अम्बर में चहकती है मैं एक मोती के जैसे भटकती दुनिया के सागर में फिर अश्कों की बूंदे आँखों के अम्बर से टपकती हैं। कुछ लम्हों में मेरे किस्से यूँ ही सिमटते हैं कुछ ख्वाबों के मंज़र भी तो यूँ ही…