प्यार या खेल?

दुनिया की नज़रों में प्यार कोई खेल ही होगा जो आज इज़हार किआ और कल नकार दिया जाने इस दुनिया के झूठे सच्चे रिवाज़ों के दायरों ने  कितने दिल मिट्टी किये और कितनों को सवाार दिया जाति धर्म पैसा और कुंडली, ये सब प्यार को क्या जाने इन सब को देख कर किआ तो क्या…

पापा..

मेरी जान हो आप, मेरी पहचान हो आप खुशियों की इस सौगात का पैमान हो आप हर तकलीफ में मेरी मुझे अपने गले लगाते इन चलती साँसों का पापा, निशान हो आप |

मेरा प्यार..

दूर ना जाना कभी तुम मुझसे मेरी सांस थम सी जाएगी यूँ तो कोई किसी के बिना मरता नहीं ये ज़िन्दगी भी गम सी जाएगी| तुम जब प्यार से बुलाते हो मुझे मैं खुद को भी भूल जाती हूँ तुम्हारी वफाओं मैं डूब कर कई आकाश झूल जाती हूँ | तुम्हे खबर है भी के…