ज़िन्दगी..

ज़िन्दगी पर लिखनी है एक ग़ज़ल

भला ग़ज़ल में समाती है कभी ज़िन्दगी?

चाहे जितने जोड़ लूँ हर्फ़ अपने लफ़्ज़ों से

भला लफ़्ज़ों में सिमटी है कभी ज़िन्दगी? 

तुम चाहो तो इसे दो पल में धोखा दे दो 

भला एहसान तले कटती है कभी ज़िन्दगी? 

बारिश में पलकों की बूंदें मिला भी लूँ अगर

भला आँखों की बारिश से भीगी है कभी ज़िन्दगी?

तुम सोचते हो मैं खुश हूँ तभी तुम्हे खुश रखती हूँ 

भला रो-कर रुला-कर ख़ुशी बटोरती है कभी ज़िंदगी? 

Note: First two lines are not mine. They are of an amazing shayar/poet Mr. Anuup kamal agrawal sir. I saw his post on #YourQuote and tried writing something in extension to that with his permission, ofcourse. 😊

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34 Comments Add yours

  1. Dheeraj Dave says:

    वाह।….बहुत ख़ूबसूरत रचना…ms. victory😊😊

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    1. शुक्रिया mr. Patience😊

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  2. Abhay says:

    सुंदर रचना 👍👍

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    1. शुक्रिया😊
      इसे पहले ही देवनागरी में पोस्ट किया, बाद में कर नहीं पाती अपनी पिछली कविता की तरह😝

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      1. Abhay says:

        देखा मैंने ☺️
        बहुत अच्छा लगा देख कर , हिंदी को हिंदी में ही पढ़ने में मजा आता है।

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      2. मैं हमेशा हिंदी में ही लिखने की कोशिश करूंगी | 😊

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      3. Abhay says:

        वाह, उत्तम! 😃

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      4. अभय जी हिंदी के लिए लगाव देखकर बहुत ही अच्छा लगा। इसी तरह हिंदी के प्रति लगाव उत्पन्न हो कोशिश करते रहिये। इस प्रयास के लिए बहुत – बहुत धन्यवाद आपको।

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      5. Abhay says:

        हिंदी तो स्वाभाविक है, अंग्रेजी तो मजबूरी है!

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      6. Abhay says:

        Isn’t it? 😜

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      7. हाँ जी ऐसा ही है😆

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      8. 🙏 मेरी ओर से भी शुक्रिया Abhay सर

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      9. Abhay says:

        सर की उपाधि अंग्रेजों को लौटा चुका हूँ 😂

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      10. 😂
        तो आप ही बता दीजिए कि आपको क्या बोलें हम? क्या उपाधि दें आपको?😝😝

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      11. Abhay says:

        कितना अच्छा तो नाम है अभय 😜😂

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      12. कला में आप हमसे बड़े हैं और हम बड़ों को नाम लेकर नहीं बुलाते |😇😇

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      13. Abhay says:

        हम तो विज्ञान के छात्र रहे हैं, कला से बहुत दूरी रही है😊

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      14. वो आपके बलॉग को देख कर पता चल रहा है कि कला में कैसे हैं आप |
        खैर, आप विज्ञान में ही खुद को बड़ा समझ लीजिये और उत्तर दीजिए |

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      15. Abhay says:

        हा हा, ब्लाॅग तो बस मन का प्रतिबिंब है! विज्ञान में भी फिसड्डी हूँ 😂 सो नाम से बुला सकते हैं! 😊

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      16. अरे, अब आप बता दीजिए वरना भाई कह कर बुलाया करूंगी, फिर ना कहना |😜

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      17. Abhay says:

        This is your prerogative , call me what you feel.😂😂

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      18. 😂😂😂 शुक्रिया😝
        भाई जैसा आप ठीक समझें 😇

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    1. Thanks a ton! 🙂

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  3. वाह…उम्दा रचना

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    1. शुक्रिया😊😇

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  4. Rekha Sahay says:

    बिलकुल सही है. फ़िर भी हम कोशिश करते ही रहते है , ईश्वर की इस अनमोल धरोहर को शब्दों में बाँधने की.

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    1. जी बिल्कुल सही कहा 😊

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  5. बहुत ही अच्छा लगा हिन्दी का लगाव देखकर। बहुत ही अच्छा लिखा है आपने बेटा।

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    1. शुक्रिया माँ-सी😘

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