सुलझी सी बातें..

आज रजनी की रचनायें ब्लॉग की लेखक- रजनी मैडम का जन्मदिन है| उन्होंने अपने ब्लॉग पर कुछ यूँ लिखा “दुःख इस बात का है कि इकतालिस साल का अनमोल समय बिना किसी उपलब्धि के गुजार दिया।” पढ़ कर एक धक्का सा लगा, बिकुल मेरी माँ की ही उम्र की होंगी वो| दिल ने सोचा, कुछ मैडम के लिए, कुछ माँ के लिए, लिख कर इन्हें धन्यवाद करूँ, हमारे लिए वो सब करने के लिए जो और कोई न कर पाया| धन्यवाद मैडम, मुझे ये एहसास करवाने के लिए, धन्यवाद माँ , उस सबके लिए जो सिर्फ आप ही कर सकती थी| कुछ पंक्तियाँ आपके लिए, और मैडम के लिए..

आज  सुबह  से  कुछ  सोचने  पर  मैं  बहुत  मजबूर  थी

दिल  में  एक  सवाल, मगर  जवाब  से  हज़ारों  मील  दूर  थी

क्या  वो  academics वाली  उपलब्धि  ही  सब  कुछ  होती  है

क्या  परिवार  को  बांध  के  रखना, वो  उपलब्धि  नहीं?

फिर  माँ  का  ख्याल  आया  के  माँ  की  degrees सब  गुम  गयी

माँ  की  उपलब्धि  हमारी  परवरिश  में  दब  क्यों  गयी

लेकिन  आज  भी  उनके  लिए  हमारी  ख़ुशी,  सबसे  पहले  होती  है

क्या  हमारी  परवरिश  करके  लायक  बनाना, वो  उपलब्धि  नहीं?

वो  संस्कार  जो  मुझे  किसी  स्कूल,  किसी  किताब  ने  न  सिखाये

वो  ख्वाब,  जो  माँ  के  सिवा  सब  ने   चूर  होते  ही  दिखाए

मैं  कुछ  नहीं आज, फिर  भी  माँ  फख्र  से  कहती  है,  तू  मेरी  बेटी  है!

अपने  सपने  छोड़  हमे  सपने  दिखाना, वो  उपलब्धि  नहीं?

Happy birthday Ma’am 🙂

Happy wedding anniversary Mumma 🙂

Thanks to you both beautiful ladies. Keep smiling. Stay blessed.

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15 Comments Add yours

    1. veronicagarg says:

      Thank you so much. This post was purely from my heart 😊

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  1. Abhay says:

    Nice write up befitting to the occasion. ☺️

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  2. आपने बहुत अच्छा लिखा है बेटा। सारी पंक्तियाँ मन को छू लेने वाली कविता और लेख है। आप की कविता पढ़कर आंखों में खुशी के आंसू आ गए। आपने समय निकालकर मुझे और मां के लिए लिखा है जितना तारीफ की जाय कम है। मेरी बेटी नहीं है ये बात मैंने ज्योति जी को भी कहा था जब उनका ब्लॉग फालो किया था तो क्यों कि वह भी अच्छा लिखती हैं। पर आपने तो समय निकालकर हमारे लिए कुछ लिखा ये बहुत ही खुशी की बात है। आज से मैं आपको बेटी मानती हूँ और वादा करती हूं कि यदि आप को अच्छा लगेगा तो मैं कविता के कमेन्ट के साथ ही साथ सशरीर आपके खुशी में जरूर शामिल होंगे। आपने मासी कहने के लिये कहा ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है। वैसे तो आजकल औवसर नहीं देते बच्चे। पर एक स्वार्थ है मेरा आपने इस मां समान मासी को अवसर दिया तो इस प्यारी बेटी का कन्यादान करने जरूर आऊंगी।

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    1. आपकी मासी रजनी सिंह

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    2. veronicagarg says:

      मेरे लिए एक सौभाग्य की बात होगी मासी जी यह तो | आज आपने मेरी आँखें भर दी और चेहरे पर खुशी का आँगन है | धन्यवाद 😚

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  3. एक बात उनकी ..जिनके जैसा.. जग में कोई नही…वो है माँ ….great words …keet it up …Miss Veronica Garg

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    1. veronicagarg says:

      बिल्कुल सही |
      Thanks a ton 😊

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  4. samtakumawat says:

    बहुत खूब

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    1. veronicagarg says:

      जी शुक्रिया 😊

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  5. Rekha Sahay says:

    sahi likha hai tumne, mahilaon ek sath na jane kitni jimmedariyon nibhati hai.

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    1. veronicagarg says:

      Ji bilkul, aap bhi un me se ek hain 😘

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