हर छोटी-बड़ी बात में आपसे उलझती रहती हूँ

आपके समझाने को भी डांट समझ कर रो देती हूँ

माँ आपके लिए तो मैं आज भी वही गुड़िया हूँ

शायद मैं खुद ही अब ज़्यादा सयानी हो गई हूँ ॥

मेरे अच्छे के लिए जब रोको तो भी रूठ जाती हूँ

छोटी सी बात पर यूँ ही हज़ारों दफा बहस करती हूँ

आपकी ममता तो माँ आज भी मेरे लिए वैसी ही है

शायद मैं खुद को प्राथमिकता देती देती कहीं खो गई हूँ ॥

आपका दुपट्टा पकड़ सोने की आरज़ू दिल में लेकर घूमती हूँ

यही कहते समय न जाने क्यों हर बार चुप हो जाती हूँ

माँ आप तो मुझे आज भी अपने आँचल में छुपा लोगे

शायद मैं खुद ही ये कहने के लिए ज़्यादा बड़ी हो गई हूँ ॥॥

English Translation:


I mess up with you in every thing

When you try to explain me, I start crying

Mom, for you am still your little princess

I guess, I am myself became extra sensible.

When you deter me for my betterment, I get upset

On small things, thousands of times, I argue with you

Even today your art of nurturing me is same as before

I guess, I got so obsessed to myself that I now feel lost.

Desire of sleeping holding your scarf is always in my heart

Don’t know why, I always stop while saying this to you

Mom I know, even today you will hide me in your arms

I guess, I myself grew older to say this to you.


6 Comments Add yours

  1. माता-पिता के लिए बच्चे तो आजीवन छोटे से बच्चे ही होते हैं । अच्छा लिखा ।

    Liked by 1 person

    1. veronicagarg says:

      जी बिल्कुल सही | धन्यवाद |


  2. माँ पर आपने बहुत अच्छा लिखा है। मां अपने आप में एक गूढ़ रहस्य है। जितना समझा जाय उतना ही कम है।

    Liked by 1 person

    1. veronicagarg says:

      जी, बिल्कुल सही कहा | धन्यवाद |


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