​Yes it’s you

Who today made me a better person Who taught me some great lessons Who wished me good luck everytime Who prays for my happiness everytime Who hugged me when I was sad And Never judged me for being mad With whom I can really be what I am Who was with me in my every…

प्यार या खेल?

दुनिया की नज़रों में प्यार कोई खेल ही होगा जो आज इज़हार किआ और कल नकार दिया जाने इस दुनिया के झूठे सच्चे रिवाज़ों के दायरों ने  कितने दिल मिट्टी किये और कितनों को सवाार दिया जाति धर्म पैसा और कुंडली, ये सब प्यार को क्या जाने इन सब को देख कर किआ तो क्या…

पापा..

मेरी जान हो आप, मेरी पहचान हो आप खुशियों की इस सौगात का पैमान हो आप हर तकलीफ में मेरी मुझे अपने गले लगाते इन चलती साँसों का पापा, निशान हो आप |

मेरा प्यार..

दूर ना जाना कभी तुम मुझसे मेरी सांस थम सी जाएगी यूँ तो कोई किसी के बिना मरता नहीं ये ज़िन्दगी भी गम सी जाएगी| तुम जब प्यार से बुलाते हो मुझे मैं खुद को भी भूल जाती हूँ तुम्हारी वफाओं मैं डूब कर कई आकाश झूल जाती हूँ | तुम्हे खबर है भी के…

अल्फ़ाज़ों की कमी..

कुछ अल्फ़ाज़ों की कमी आज मेरी कलम में झलकती है कुछ एहसासों की कोयल नीले अम्बर में चहकती है मैं इक मोती के जैसे भटकती दुनिया के सागर में, कुछ अश्कों की बूंदे बरसात की तरह टपकती हैं। ———————- कुछ लम्हों में मेरे किस्से यूँ ही सिमटते हैं कुछ ख्वाबों के मंज़र भी तो यूँ…

​ऐ ज़िन्दगी…

ऐ ज़िन्दगी जितने भी मौसम दिखाने हैं दिखा  धूप दिखा छाँव दिखा, भरता हुआ वो घाव दिखा  तू चाहे तो पत्थरों और काँटों पर चला ले मुझे हंस कर चल लूंगी , पल पल चाहे फिर मर लूंगी तू क्या सोचती है मैं डर गयी हूँ तुझसे, मगर नहीं अब डर नहीं मुझे, क्योंकि मेरी…

रजनी माँ-सी, आपके लिए..

माँ-सी, आप मेरे लिए माँ जैसी हो, मुझे आशीर्वाद दो कि ज़िन्दगी में किसी के लिए कुछ अच्छा कर पाऊँ | अपने लिए तो आज तक किया ही है मैंने, अब समाज के लिए कर पाऊँ | मुझे आशीर्वाद दो कि मैं माँ-पापा का, आपका और अपने सभी बड़ों का आदर सम्मान करती रहूँ |…

Maa.. (Mom)

हर छोटी-बड़ी बात में आपसे उलझती रहती हूँ आपके समझाने को भी डांट समझ कर रो देती हूँ माँ आपके लिए तो मैं आज भी वही गुड़िया हूँ शायद मैं खुद ही अब ज़्यादा सयानी हो गई हूँ ॥ ___________ मेरे अच्छे के लिए जब रोको तो भी रूठ जाती हूँ छोटी सी बात पर…

ज़िन्दगी..

ज़िन्दगी पर लिखनी है एक ग़ज़ल भला ग़ज़ल में समाती है कभी ज़िन्दगी? चाहे जितने जोड़ लूँ हर्फ़ अपने लफ़्ज़ों से भला लफ़्ज़ों में सिमटी है कभी ज़िन्दगी?  तुम चाहो तो इसे दो पल में धोखा दे दो  भला एहसान तले कटती है कभी ज़िन्दगी?  बारिश में पलकों की बूंदें मिला भी लूँ अगर भला…

Ehsaas..

Tere sath jab rahun, sab gham bhul jaun mein Tere pyaar mein har din, sham jese dhal jaun mein Maloom hai ke tujhe pata nahin mein tujhe kitna pyar krun Tujhse pyar karte huye hi akhiri sans lena chahun mein. ***** Tere mere rishte ka moti is duniya se bachaun mein Tu kahe to naam…

भाई सुनो ना..

जब साथ होंगे हम कभी तो पास बैठ अपने जज़्बात सुनाना तुम प्यार से हर बात कहना, सुनना रूठ जाऊँ तो प्यार से मनाना तुम | *** छोटे से बच्चे के जैसे शरारतें करना मुझे भी उसमे भागीदार बनाना तुम कुछ शरारतें जो बचा कर रखोगे उन्हें मुझ ही पर आज़माना तुम | *** धीमे…