Independence day! But are we Independent?

I salute all the freedom fighters who fought till death to make India free and Independent. 🙏 I salute all the soldiers- our real heroes to secure India and Indians so that we can celebrate many more independence days with peace. 🙏 Happy Independence day, blogger friends.😇 I on Independence day, while talking about ‘1947’…

हार नहीं मानी मैने अभी…

तूने बहुत से अँधेरे दिन दिखाए, तोड़ कर मार गिराया मुझे ऐ ज़िन्दगी, जश्न तब मनाना जब मैं बिखरना स्वीकार कर लूँ |

​Yes it’s you

Who today made me a better person Who taught me some great lessons Who wished me good luck everytime Who prays for my happiness everytime Who hugged me when I was sad And Never judged me for being mad With whom I can really be what I am Who was with me in my every…

प्यार या खेल?

दुनिया की नज़रों में प्यार कोई खेल ही होगा जो आज इज़हार किआ और कल नकार दिया जाने इस दुनिया के झूठे सच्चे रिवाज़ों के दायरों ने  कितने दिल मिट्टी किये और कितनों को सवाार दिया जाति धर्म पैसा और कुंडली, ये सब प्यार को क्या जाने इन सब को देख कर किआ तो क्या…

पापा..

मेरी जान हो आप, मेरी पहचान हो आप खुशियों की इस सौगात का पैमान हो आप हर तकलीफ में मेरी मुझे अपने गले लगाते इन चलती साँसों का पापा, निशान हो आप |

मेरा प्यार..

दूर ना जाना कभी तुम मुझसे मेरी सांस थम सी जाएगी यूँ तो कोई किसी के बिना मरता नहीं ये ज़िन्दगी भी गम सी जाएगी| तुम जब प्यार से बुलाते हो मुझे मैं खुद को भी भूल जाती हूँ तुम्हारी वफाओं मैं डूब कर कई आकाश झूल जाती हूँ | तुम्हे खबर है भी के…

अल्फ़ाज़ों की कमी..

कुछ अल्फ़ाज़ों की कमी आज मेरी कलम में झलकती है कुछ एहसासों की कोयल नीले अम्बर में चहकती है मैं इक मोती के जैसे भटकती दुनिया के सागर में, कुछ अश्कों की बूंदे बरसात की तरह टपकती हैं। ———————- कुछ लम्हों में मेरे किस्से यूँ ही सिमटते हैं कुछ ख्वाबों के मंज़र भी तो यूँ…

​ऐ ज़िन्दगी…

ऐ ज़िन्दगी जितने भी मौसम दिखाने हैं दिखा  धूप दिखा छाँव दिखा, भरता हुआ वो घाव दिखा  तू चाहे तो पत्थरों और काँटों पर चला ले मुझे हंस कर चल लूंगी , पल पल चाहे फिर मर लूंगी तू क्या सोचती है मैं डर गयी हूँ तुझसे, मगर नहीं अब डर नहीं मुझे, क्योंकि मेरी…

रजनी माँ-सी, आपके लिए..

माँ-सी, आप मेरे लिए माँ जैसी हो, मुझे आशीर्वाद दो कि ज़िन्दगी में किसी के लिए कुछ अच्छा कर पाऊँ | अपने लिए तो आज तक किया ही है मैंने, अब समाज के लिए कर पाऊँ | मुझे आशीर्वाद दो कि मैं माँ-पापा का, आपका और अपने सभी बड़ों का आदर सम्मान करती रहूँ |…

Maa.. (Mom)

हर छोटी-बड़ी बात में आपसे उलझती रहती हूँ आपके समझाने को भी डांट समझ कर रो देती हूँ माँ आपके लिए तो मैं आज भी वही गुड़िया हूँ शायद मैं खुद ही अब ज़्यादा सयानी हो गई हूँ ॥ ___________ मेरे अच्छे के लिए जब रोको तो भी रूठ जाती हूँ छोटी सी बात पर…